अध्याय 14
Reprint 2025-26
हिंदी साहित्य में हबीब तनवीर जी का नाटक "कारतूस" अपनी देशभक्ति और साहस की भावना के लिए जाना जाता है। यह छोटा सा नाटक वज़ीर अली नामक एक जाँबाज़ सिपाही के साहस और देशभक्ति की कहानी है।
इस इंटरैक्टिव पाठ में हम हबीब तनवीर के जीवन, उनके नाटक और इस पाठ में वर्णित घटनाओं का विस्तृत अध्ययन करेंगे। नाटक के माध्यम से वज़ीर अली के साहस और स्वतंत्रता की भावना को समझेंगे, जो आज भी हमारे लिए प्रेरणादायक है।
अंग्रेज़ इस देश में व्यापारी के भेष में आए थे और शुरू में व्यापार ही करते रहे, लेकिन उनके इरादे केवल व्यापार करने के नहीं थे। धीरे-धीरे उनकी ईस्ट इंडिया कंपनी ने रियासतों पर कब्ज़ा जमाना शुरू कर दिया।
उनकी नीयत उजागर होते ही, अंग्रेज़ों को हिंदुस्तान से खदेड़ने के प्रयास भी शुरू हो गए। इस पाठ में एक जाँबाज़ व्यक्ति के कारनामों का वर्णन है, जिसका एकमात्र लक्ष्य अंग्रेज़ों को हिंदुस्तान से बाहर करना था।
यह दिलेर (वज़ीर अली) इतना निडर था कि वह कंपनी की बटालियन के खेमे में ही नहीं आ पहुँचा, बल्कि उनके कर्नल पर ऐसा रौब गालिब किया कि कर्नल के मुँह से भी वे शब्द निकले जो किसी शत्रु या अपराधी के लिए नहीं बोले जा सकते थे।
वज़ीर अली की दिलेरी और देशभक्ति पर विचार कीजिए। आपके अनुसार, एक व्यक्ति में स्वतंत्रता और देशभक्ति की भावना का क्या महत्व है? वर्तमान संदर्भ में इसकी प्रासंगिकता पर अपने विचार व्यक्त कीजिए।
नाटक में प्रयुक्त शब्दों के पर्याय जानिए:
"खिलाफ़" का पर्याय है
"पाक" का पर्याय है
"उम्मीद" का पर्याय है
"हासिल" का पर्याय है
"कामयाब" का पर्याय है
निम्नलिखित मुहावरों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए:
आँखों में धूल झोंकना:
बुरा-भला सुनाना:
काम तमाम करना:
रौब गालिब करना:
निम्नलिखित वाक्यों में विशेषण और विशेष्य की पहचान कीजिए:
1. जंगल की जिंदगी बड़ी खतरनाक होती है।
2. कंपनी के खिलाफ़ सारे हिंदुस्तान में एक लहर दौड़ गई।
हबीब तनवीर के जीवन और उनके 'लोक नाट्य' के क्षेत्र में योगदान के बारे में अधिक जानकारी एकत्र कीजिए और नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
नाटक के अंतिम दृश्य में कर्नल और वज़ीर अली के बीच हुए संवाद का विस्तार कीजिए। कल्पना कीजिए कि यदि वज़ीर अली कर्नल से कारतूस लेकर जाने के बाद और अधिक बातचीत करता, तो उनके बीच क्या संवाद हो सकते थे?
हबीब तनवीर को 1969 में सांगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, 1983 में पद्म श्री, 1993 में पद्म भूषण और 2002 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। उन्होंने लोकनाट्य के क्षेत्र में अनेक प्रयोग किए और अपने नाटकों के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाने का प्रयास किया।
वज़ीर अली की कहानी भी बहुत रोचक है। वह अवध का शासक था जिसे ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपदस्थ कर दिया था। उसका एकमात्र उद्देश्य अंग्रेज़ों को हिंदुस्तान से बाहर करना था। उसकी कहानी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।